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VishFul Quotes

U R My Inspiration & the Eternal Guiding Force behind my success. Love U Maa-Papa. I ignore this materialistic world and admire your beautiful feet because for me, my world resides there. Jai Shri Ram :)
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Friday, October 10, 2008

Kya Hoti Hai Shaadi?


'क्या होती है शादी?'

मैंने एक शादीशुदा से पूछा
'क्या होती है शादी?'
वह बोला, "भाई यह न पूछो,
शादी तो है बर्बादी"

शादी करने से खत्म
हो जाती है आज़ादी,
शादी करके जीन्स छोड़ कर
पड़ती पहननी खादी।

पहले हम पिज़ा खाते थे
अब मिलती है रोटी सादी,
शादी ही तो बढ़ाती है
इस देश की आबादी।

शादी करके लोग बढ़ाते हैं अपना वंश,
बस इतना सा है इस शादी का सारंश।
ये सब बातें सुनकर तो मैं रह गया हैरान,
ब्रह्मचारियों के लिए जगा मुझ में अत्याधिक सम्मान,
तब मुझे समझ में आया क्यों ब्रह्मचारी थे हनुमान।

- विशाल शर्मा

Friday, August 1, 2008

Saddam

सद्दाम

इराक में एक तानाशाह था,
नाम था उसका सद्दाम;

कहते हैं ताकतवर था,
खाता होगा बदाम।

उदय और कुसय नाम  के;
थे उसके दो बेटे,
जो अमरीकी गोली खाकर;
सदा के लिए लेते।

कहते थे अमरीकी उसे;
बग़दाद का कसाई,
पकड़ते समय सुनी न उसके;
मुह से कोई सफाई।

वक़्त सदा अच्छा नहीं रहता;
है गीता की सीख,
शासन करने वाले को भी;
कभी माँगनी पड़ती भीख। 


विशाल शर्मा

Tuesday, July 1, 2008

Chunaav

चुनाव

लुटने वाली है जनता; 
आ गए चुनाव,
बढ़ने वाले हैं सारी;
चीज़ों के भाव।

पांच साल से दे रहे थे; 
जिस जनता को चोट,
उसी जनता से मांगेंगे अब;
हाथ जोड़ कर वोट। 

पांच साल जनता को ठग कर; 
भरते हैं अपने ख़ज़ाने,
घोटालों में फंसने पर; 
बनाते हैं कई बहाने। 

काश ! ऐसा कोई नेता होता; 
जो हमें लगता अपना,
लगता है जनता की इच्छा;
बस रह जाएगी इक सपना। 

- विशाल शर्मा

Ghadi

घड़ी


टिक-टिक चलती रहती,
दीवार पर लटकी घड़ी;
सूइयाँ इसमें तीन हैं होती,
इक छोटी, दो बड़ी।

चलती-चलती कभी-कभी ये,
हो जाती है खड़ी;
इसके रुक जाने से हमको,
होती मुसीबत बड़ी। 

सैल डालते फिर चल पड़ती,
दीवार पर लटकी घड़ी;
जब तक सेल खत्म न होता,
फिर ये न होती कड़ी। 

गतिशील जीवन को बनाओ,
यही सीख देने पर अड़ी। 

विशाल शर्मा

Panchii

पंछी

दूर देश से आता पंछी,
सबका दिल बहलाता पंछी;
चिं-चिं करके, चूं-चूं करके,
सबके दिल पर जाता पंछी। 

तिनका-तिनका जोड़-जोड़ कर,
पेड़ की ओर ले जाता पंछी;
उसी पेड़ की एक डाल पर अपना नीड़ बनता पंछी, 
अपना सुन्दर नीड़ बनाकर श्रम की शिक्षा दे जाता पंछी।

विशाल शर्मा

Tuesday, January 8, 2008

Kangra Ki Waadiyon Se

कांगड़ा की वादियों से

मेरे गांव की कुछ बातें मेरे दिल को बहुत भाती हैं,
Kangra Fort

इसकी यादें बार-बार मेरे दिल को बहुत सताती हैं।

चामुंडा माँ का मंदिर और चाय के बागान,
लगता हैं जैसे हों सुंदरता का सामान

ज्वाला माँ की ज्योति अँधकार को मिटाती है,
ध्यानु भक्त की भक्ति परोपकारिता को दर्शाती है

काँगड़ा से होकर बहती है व्यास नदी,
कहते हैं लोग इसे बहते हो गई है एक सदी

इसकी वजह से आज काँगड़ा में हो रहा विकास है,
कांगड़ा देश भर की धार्मिक प्रवृत्तियों का निकास है
Vajreshwari Maa, Kangra


धर्मशाला में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का निवास है, 
इक दिन काँगड़ा दिल्ली बनेगा मुझे पूर्ण विश्वास है

यूँ तो मेरी नज़र में पूरा भारत देश महान है,
परन्तु छोटे स्तर पर मेरा गाओं मेरी जान है